🗡️ इन्फैंट्री के सम्मान में  🗡️ लेखक मेजर जनरल अभि. परमार (रि.)

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तू अजेय निर्भीक है
शक्ति का प्रतीक है
तू गर्व है अभिमान है
विजय का निशान है

तू शौर्य की हुंकार है
रणशत्रु का संघार है
युद्ध में अधिराज है
तू देश का आधार है

रक्त से करके तिलक
जब करे तू शंखनाद
काँप उठता शत्रु थरथर
सुन के तेरा सिंहनाद

क्या सियाचिन क्या मरुस्थल
सब जगह है तू खड़ा
जब कभी आयी विपत्ति
हर शत्रु पर भारी पड़ा

सैनिकों का दंभ है तू
वीरता का स्तंभ है तू
देश की अखण्डता
का
सर्वोच्च मापदंड है तू

Long live the Infantry 🗡️

लेखक मेजर जनरल अभि. परमार (रि.)

लेखक – मेजर जनरल अभि परमार वीएसएम (सेवानिवृत्त), दिसंबर 1969 में आईएमए से इन्फैंट्री (द राजपूत रेजिमेंट) में कमीशन अधिकारी बने थे । उन्होंने रेगिस्तान, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम और पूर्वोत्तर में और विभिन्न  मुख्यालयों एवं  प्रशिक्षण प्रतिष्ठान  में विभिन्न नियुक्तियों पर भी काम किया है। । वह महानिदेशक भारतीय गोल्फ संघ (2009 – 2014) थे। सेवानिवृत्ति के बाद और अपने शौक, गोल्फ, यात्रा और लेखन को पूरा करने के बाद वे “स्ट्राइव”, (STRIVE),  थिंक टैंक के अध्यक्ष हैं।

Disclaimer: अस्वीकरण: व्यक्त किए गए विचार लेखक के हैं और जरूरी नहीं कि वे उस संगठन के विचारों का प्रतिनिधित्व करते हों जिससे वह संबंधित है या स्ट्राइव (STRIVE) का है।