उड़ने कि जब चाह हो … by मेजर जनरल अभि परमार (से.नि)
उड़ने कि जब चाह हो आकाश भी ऊँचा नहीं लक्ष्य ढूंढो तुम जहां कोई अभी पहुचा नही पंख जब फैला
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Wednesday, 29 Jul 2026 |
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Society for Transformative Research Integration and Veterans Empowerment
उड़ने कि जब चाह हो आकाश भी ऊँचा नहीं लक्ष्य ढूंढो तुम जहां कोई अभी पहुचा नही पंख जब फैला
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